Tuesday, 15 December 2020

"How To be Happy in Life" l Hindi l 5 Rules Of Happiness

Psycho Life Gyan !





हा जाता है सभी कोई खुशी चाहते हैं क्योंकि यह हमारा मूल स्वभाव है। लेकिन हम समझ नहीं पाते कि हम कब खुश रहेंगे । हम सोचते हैं कि हम कुछ पा लेंगे या कुछ हो जाएंगे तब खुश होंगे लेकिन खुशी कोई मंजिल नहीं है खुशी तो सफर में है। 

कई बार हम मंजिल के चक्कर में सफर का मजा लेना भूल जाते हैं।

आज मैं आपको 5 तरीके बताऊंगा अपने जीवन में और खुश होने के - 

1. बिना किसी दबाव के सोचिए 

आप किसी भी आईडिया के बारे में सोचें तो उसमें कोई सीमा ना बांधे। कि अरे यह मेरे बस का नहीं है, मैं इतना नहीं कमा सकता, मैं इतना महान काम नहीं कर सकता, खुद को सीमित करने वाले विचारों का त्याग करिए।

 2. नई जगहों का सफर करें 

यूरोप में यात्रा करना, घूमना शिक्षा का ही एक अंग माना जाता है। बिल्कुल सही बात है जब हम यात्रा करते हैं हम अपने आप को मैनेज करना सीखते हैं , समय प्रबंधन ,बातचीत करने का तरीका , धन का प्रबंधन और बहुत सारी चीजें जोकि जीवन में खुशहाली लाती है‌ के बारे में अनुभव से सीखते हैं ‌।

3. नए तरीके से काम करिए 

जो लोग सुबह से शाम तक, सोमवार से शनिवार तक वही काम करते हैं उनकी जिंदगी मशीन की तरह हो जाती है। ना कोई उत्साह , ना कोई उमंग, जीवन में नयापन चाहिए। इसलिए अपनी सोच को पुराने ढर्रे से निकाल कर कुछ नया करने में लगाइए आप को खुशी मिलेगी।

4. उस काम को करिए जो दिल के करीब हो 

आमिर खान की मूवी 3 इडियट का एक संदेश कभी नहीं भूलना चाहिए "वह करो जो दिल कह रहा है , साली कामयाबी झक मार के पीछे आएगी।" वह काम करें जिसमें आपका दिल लगे, तब आपको किसी भी दिन काम नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि तब आपका काम आपके लिए आनंद का स्रोत बन जाएगा , खुशी का स्रोत बन जाएगा। 

5. उनकी मदद करिए जो मदद लौटा नहीं सकते

किसी ने बहुत सही कहा है जब हम अपना हाथ किसी को देने के लिए खोलते हैं, तो ऊपर वाला हमें देने के लिए अपना दिल खोलता है।
एक बार एक साधु गांव के किसी घर में गए और वहां छोटी सी बच्ची खेल रही थी। साधु ने कहा - "बेटी! कुछ खाने के लिए दो।" बेटी ने कहा -" मम्मी घर में नहीं है मैं अभी कुछ नहीं दे सकती" साधु ने कहा- "यह जो धूल से खेल रही हो यही मेरे कमंडल में डाल दो।" साधु से जब शिष्य ने पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया तो साधु ने कहा मैं चाहता था कि उसको देने की आदत लग जाए ताकि वह कभी भी दान देने में पीछे ना हटे। 

तो यह है देने का सुख । यही हमारा सबसे बड़ा धर्म है । यही मानवता है।।

आपको क्या करना चाहिए कि आप खुश रहें, हमें जरूर बताइए
 (कमेंट में लिखे) ।

Youths Guru

Author & Editor

Psychology Ambassador

1 comments:

  1. कई बार हम मंजिल के चक्कर में सफर का मजा लेना भूल जाते हैं।💯
    Asli Khushi to safar me hi hoti hai, manzil pakr isilie hm nya safar tay karne lgte hai.....👏👏

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